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&#2332|श्री स

ज : ीवन चित्रण (Jeevan Chitran)

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Overview

About the Book: पुस्तक "जीवन चित्रण" के माध्यम से उन बिन्दुओं को उठाया गया है, जिनका सामना समाज के प्रत्येक वर्ग का व्यक्ति प्राय करता रहता है। काल्पनिक एवं क्षणिक सुख के चक्कर में वो उनके महत्व को अनदेखा करते हुए धीरे-धीरे तनाव, द्वेष, बनावटी सुख एवं असंतोष के दलदल में धँसता चला जाता है, जहाँ से फिर चाहकर भी बाहर नहीं निकल पता। जीवन के साधारण लगने वाले लेकिन महत्वपूर्ण मुद्दों को पुस्तक में बहुत ही अर्थपूर्ण व आकर्षक तरीके से बयां करते हुए सफल, सुखी एवं रोमांचक जीवन के सूत्रों को आपके समक्ष रखा गया है। पुस्तक के माध्यम से लेखक की यह इच्छा स्पष्ट परिलक्षित होती है कि- या रब मेरी दुआओं में इतना असर रहे, खुशियों से सराबोर हर देशवासी का घर रहे। वैश्विक स्थिति, देश की समस्याएं, व्यवस्था, पौराणिक संस्कृति के प्रति बढ़ती उदासीनता, शिष्टाचार एवं मानवीय मूल्यों में हो रहे ह्रास जैसे मुद्दों तथा उनके तर्क-संगत व व्यावहारिक समाधानों का उल्लेख पुस्तक के बहुआयामी परिवेश को दर्शाता है। जीवन के अर्थ, सुख व रोचकता के सारे मंत्र इस पुस्तक में पग-पग पर वर्णित हैं।

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Details

  • ISBN-13: 9789360700652
  • ISBN-10: 9360700657
  • Publisher: Storymirror Infotech Pvt Ltd
  • Publish Date: November 2024
  • Dimensions: 8 x 5.25 x 0.41 inches
  • Shipping Weight: 0.45 pounds
  • Page Count: 192

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