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Papa Jab Bache The|Alexander Raskin

Papa Jab Bache The

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Overview

भूत पूर्व सोविएट यूनियन की पुस्तकें जो केरल में व्यापक रूप से प्रसारण में थी, उन पुस्तकों की यादें हमारे मन में आज भी ताज़ा हैं। पुस्तक, जो शानदार किस्सों, दिलचस्प वैज्ञानिक तत्वों और मनोहर चित्रों से भरे थे और जो पाठकों के मन मोह चुके थे। उन पुस्तकों का हम पर एक अमिट प्रभाव था और अविस्मरणीय वाचन का अनुभव भी प्रदान किया था। अब जब यूनियन न रहा तो, मनभावन कहानियों के वह पुस्तक भी न रहे। बस मीठे यादों वाले अतीत की ललक बाकी रह गई । फिर भी पाठक उन अनुपम पुस्तकों की लगातार खोज करते आ रहें हैं। इसलिए इनसाइट पब्लिका में हम उनमें से कुछ पुस्तकों को उसी पुराने अंदाज़ में प्रकाशित कर रहें हैं। और अत्यंत कृतज्ञता और आनंद के साथ मैं आपको बताना चाहता हूँ की इस योजना में पाठकों ने पूरे दिल से हमारा समर्थन किया है। इस परियोजना के दौरान हमें उस महान देश के साहित्य कल्पना की गहराई और विशालता के बारे में एहसास हुआ । अनुवाद के द्वारा वह उदात्त कहानियाँ कई देशों और भाषाओं की सीमायें लांघ चुकी थी। यह पुस्तक सर्वव्यापी थे - सिर्फ एक उत्पन्न की तरह नहीं, बल्कि एक संस्कृति के रूप में। हमने सोविएट कहानियों को भारतीय भाषाओं में अनुवाद के पुनः प्रसिद्धीकरण के इस साहसिक यत्न का श्रम यह सोचकर किया की इससे इनसाइट पुब्लिका को भी आवेग अवलम्ब मिलेगा। आप पाठकों को अब स्कैन किये हुए फ़ोटोस्टेट कापियों से अब और नाखुश होने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इनसाइट पब्लिका उन पुस्तकों को आपके हाथ में एकदम पहले वाली ताज़गी और मिठास के सात पहुंचाएगी। अत्यंत विनम्रता और गर्व से हम आपके लिए वहीं शानदार सोविएट कहानियाँ एक बार और पेश करते हैं।

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Details

  • ISBN-13: 9789390404391
  • ISBN-10: 9390404398
  • Publisher: Insight Publica
  • Publish Date: October 2020
  • Dimensions: 8.5 x 5.5 x 0.44 inches
  • Shipping Weight: 0.62 pounds
  • Page Count: 114

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