Overview
वर्तमान समय में मानव के समक्ष सर्वाधिक ज्वलन्त समस्या आर्थिक एवं प्रादेशिक विकास को गति प्रदान करने की है। विकसित देशों की अपेक्षा विकासशील देशों में यह समस्या और भी गम्भीर है। इन दे शों के पास संसाधनों के विकास हेतु पूंजी एवं आधुनिक तकनीकी ज्ञान सीमित हैं, जिसके कारण विकासशील देश अपने संसाधनों का समुचित उपयोग एवं विकास नहीं कर पा रहे हैं। फलस्वरूप उनके पास समस्याओं का अम्बार है। ये देश इन समस्याओं से निजात पाने एवं समय से प्रादेशिक विकास करने के लिए प्रयत्नशील हैं। प्रादेशिक विकास के विभिन्न उपागमों में वृद्धि ध्रुव, विकास केन्द्र एवं सेवा केन्द्रों की संकल्पना को अपेक्षाकृत अधिक महत्व दिया जा रहा है। क्योंकि विभिन्न देशों में अध्ययनों एवं प्रयोगों के आधार पर इनकी सार्थकता आर्थिक एवं प्रादेशिक विकास में प्रमाणित हो चुकी है।
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Details
- ISBN-13: 9781794716643
- ISBN-10: 1794716645
- Publisher: Lulu.com
- Publish Date: November 2019
- Dimensions: 9 x 6 x 0.09 inches
- Shipping Weight: 0.14 pounds
- Page Count: 36
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