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"item_description" : "एक सफरनामा जिसमे मैं हूँ, तुम हो और हम हैं। एक कोशिश ये ढूंढने की की 'हम' बनने में कही मैं और तुम खो तो नहीं गए। मैं तुम और हम उस सारी अनकही बातों का संकलन है जो या तो कही नहीं गयी, या समझी नहीं गयी, या कुछ ऐसा तो था तो हमेशा से पर अस्फुट भावनाओ के बीच दबा रह गया । इस पूरी यात्रा में आपको मिलेगा प्रेम, सम्मान, संघर्ष और उनसे गढ़े गए रिश्ते । यह संकलन उस यात्रा के नाम जो हम सब खुद में और अपने संबंधों में प्रतिदिन करते है।",
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Overview
एक सफरनामा जिसमे मैं हूँ, तुम हो और हम हैं। एक कोशिश ये ढूंढने की की 'हम' बनने में कही मैं और तुम खो तो नहीं गए।" मैं तुम और हम " उस सारी अनकही बातों का संकलन है जो या तो कही नहीं गयी, या समझी नहीं गयी, या कुछ ऐसा तो था तो हमेशा से पर अस्फुट भावनाओ के बीच दबा रह गया । इस पूरी यात्रा में आपको मिलेगा प्रेम, सम्मान, संघर्ष और उनसे गढ़े गए रिश्ते । यह संकलन उस यात्रा के नाम जो हम सब खुद में और अपने संबंधों में प्रतिदिन करते है।
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Details
- ISBN-13: 9789369536962
- ISBN-10: 9369536965
- Publisher: Bookleaf Publishing
- Publish Date: May 2025
- Dimensions: 8 x 5 x 0.09 inches
- Shipping Weight: 0.11 pounds
- Page Count: 42
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