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"item_description" : "नारीत्व - मैं और मेरी परछाईं एक संवेदनशील कविता-संग्रह है जो एक स्त्री की भीतर की यात्रा को उजागर करता है - वह जो दिखती है और वह भी जो अनकही रह जाती है। यह किताब नारी के कोमल मन, दहकते द्वंद्व, स्मृतियों, प्रेम, समाज की बंदिशों और आत्मबोध को भावपूर्ण कविताओं में पिरोती है। परछाईं यहाँ प्रतीक है उस स्त्री की जो हर पल साथ होती है, पर अक्सर अनदेखी रह जाती है। यह संग्रह आपको भीतर झाँकने, महसूस करने और उस मौन को सुनने के लिए आमंत्रित करता है जो हर नारी के भीतर गूंजता है।",
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Overview
""नारीत्व - मैं और मेरी परछाईं"" एक संवेदनशील कविता-संग्रह है जो एक स्त्री की भीतर की यात्रा को उजागर करता है - वह जो दिखती है और वह भी जो अनकही रह जाती है। यह किताब नारी के कोमल मन, दहकते द्वंद्व, स्मृतियों, प्रेम, समाज की बंदिशों और आत्मबोध को भावपूर्ण कविताओं में पिरोती है। ""परछाईं"" यहाँ प्रतीक है उस स्त्री की जो हर पल साथ होती है, पर अक्सर अनदेखी रह जाती है। यह संग्रह आपको भीतर झाँकने, महसूस करने और उस मौन को सुनने के लिए आमंत्रित करता है जो हर नारी के भीतर गूंजता है।
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Details
- ISBN-13: 9789372131406
- ISBN-10: 9372131407
- Publisher: Bookleaf Publishing
- Publish Date: September 2025
- Dimensions: 8 x 5 x 0.08 inches
- Shipping Weight: 0.11 pounds
- Page Count: 40
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