{
"item_title" : "ध",
"item_author" : [" दीपमाë "],
"item_description" : "धूप में भीगी चाँदनी संवेदनाओं, प्रेम, संघर्ष और स्त्री-अस्तित्व की अनकही अनुभूतियों का काव्य-संग्रह है। इन कविताओं में कहीं इश्क़ की कोमलता है तो कहीं टूटकर फिर से खड़े हो जाने का साहस। यह संग्रह केवल भावनाओं का विस्तार नहीं बल्कि समाज, राष्ट्र, अव्यवस्था और भीतर चल रहे मौन संघर्षों की भी अभिव्यक्ति है। हर कविता जीवन के किसी अधूरे सच, किसी प्रतीक्षा, किसी पीड़ा और किसी उम्मीद को स्पर्श करती है। यह पुस्तक पाठकों को ठहरकर अपने भीतर झाँकने, महसूस करने और उन अनकहे एहसासों से जुड़ने का आमंत्रण देती है जिन्हें शब्दों में बाँधना हमेशा आसान नहीं होता।",
"item_img_path" : "https://covers2.booksamillion.com/covers/bam/9/37/642/417/9376424174_b.jpg",
"price_data" : {
"retail_price" : "15.00", "online_price" : "15.00", "our_price" : "15.00", "club_price" : "15.00", "savings_pct" : "0", "savings_amt" : "0.00", "club_savings_pct" : "0", "club_savings_amt" : "0.00", "discount_pct" : "10", "store_price" : ""
}
}
Overview
धूप में भीगी चाँदनी" संवेदनाओं, प्रेम, संघर्ष और स्त्री-अस्तित्व की अनकही अनुभूतियों का काव्य-संग्रह है। इन कविताओं में कहीं इश्क़ की कोमलता है तो कहीं टूटकर फिर से खड़े हो जाने का साहस। यह संग्रह केवल भावनाओं का विस्तार नहीं बल्कि समाज, राष्ट्र, अव्यवस्था और भीतर चल रहे मौन संघर्षों की भी अभिव्यक्ति है। हर कविता जीवन के किसी अधूरे सच, किसी प्रतीक्षा, किसी पीड़ा और किसी उम्मीद को स्पर्श करती है। यह पुस्तक पाठकों को ठहरकर अपने भीतर झाँकने, महसूस करने और उन अनकहे एहसासों से जुड़ने का आमंत्रण देती है जिन्हें शब्दों में बाँधना हमेशा आसान नहीं होता।
Customers Also Bought
Details
- ISBN-13: 9789376424177
- ISBN-10: 9376424174
- Publisher: Bookleaf Publishing
- Publish Date: June 2026
- Dimensions: 8 x 5 x 0.23 inches
- Shipping Weight: 0.26 pounds
- Page Count: 112
Related Categories
