{
"item_title" : "य",
"item_author" : [" इरफ़ान "],
"item_description" : "इरफ़ान सत्तार साहब जौन एलिया के शागिर्द हैं, और ये उनकी शायरी की पहली किताब है जो हिंदी में भारत से प्रकाशित हो रही है, इसमें उनकी करीब 150 ग़ज़लें हैं कठिन शब्दों के मानी नीचे लिखे गए हैं महेन कुमार सानी और नदीम अहमद काविश ने किताब का सम्पादन किया है इरफ़ान सत्तार साहब कनाडा के एक व्यापारी हैं और मूलतः पाकिस्तान से सम्बन्ध रखते हैं लेकिन अब वह कैनेडियन सिटिज़न हैं",
"item_img_path" : "https://covers1.booksamillion.com/covers/bam/9/38/661/928/9386619288_b.jpg",
"price_data" : {
"retail_price" : "16.99", "online_price" : "16.99", "our_price" : "16.99", "club_price" : "16.99", "savings_pct" : "0", "savings_amt" : "0.00", "club_savings_pct" : "0", "club_savings_amt" : "0.00", "discount_pct" : "10", "store_price" : ""
}
}
Overview
इरफ़ान सत्तार साहब जौन एलिया के शागिर्द हैं, और ये उनकी शायरी की पहली किताब है जो हिंदी में भारत से प्रकाशित हो रही है, इसमें उनकी करीब 150 ग़ज़लें हैं कठिन शब्दों के मानी नीचे लिखे गए हैं महेन कुमार सानी और नदीम अहमद काविश ने किताब का सम्पादन किया है इरफ़ान सत्तार साहब कनाडा के एक व्यापारी हैं और मूलतः पाकिस्तान से सम्बन्ध रखते हैं लेकिन अब वह कैनेडियन सिटिज़न हैं
This item is Non-Returnable
Customers Also Bought
Details
- ISBN-13: 9789386619280
- ISBN-10: 9386619288
- Publisher: Redgrab Books Pvt Ltd
- Publish Date: July 2021
- Dimensions: 8.5 x 5.5 x 0.42 inches
- Shipping Weight: 0.52 pounds
- Page Count: 198
Related Categories
