{
"item_title" : "अ",
"item_author" : [" महेंदî "],
"item_description" : "लोक जीवन सदैव से ही द्वंदों से आच्छादित रहा है द्वंदात्मक स्थितियों से घिरा जीवन परम सुख शांति के आस्वादन से वंचित ही रह जाता है जब-जब मनुष्य की प्रज्ञा ने उस परम निर्द्वंद अस्तित्व की प्रतीति की है, व अलौकिक दिव्य निर्झर में अवगाहन कर सका है ऐसी ही क्षण और प्रसंग का भावोदय होने पर जो अनुभूतियाँ अन्तरंग में उत्पन्न हुई, उन्हें शब्दाकारर रूप में प्रस्तुत करने का एक विनम्र प्रयास है, आपके सुधि करकमलों में",
"item_img_path" : "https://covers4.booksamillion.com/covers/bam/9/38/661/983/9386619830_b.jpg",
"price_data" : {
"retail_price" : "11.99", "online_price" : "11.99", "our_price" : "11.99", "club_price" : "11.99", "savings_pct" : "0", "savings_amt" : "0.00", "club_savings_pct" : "0", "club_savings_amt" : "0.00", "discount_pct" : "10", "store_price" : ""
}
}
Overview
लोक जीवन सदैव से ही द्वंदों से आच्छादित रहा है द्वंदात्मक स्थितियों से घिरा जीवन परम सुख शांति के आस्वादन से वंचित ही रह जाता है जब-जब मनुष्य की प्रज्ञा ने उस परम निर्द्वंद अस्तित्व की प्रतीति की है, व अलौकिक दिव्य निर्झर में अवगाहन कर सका है ऐसी ही क्षण और प्रसंग का भावोदय होने पर जो अनुभूतियाँ अन्तरंग में उत्पन्न हुई, उन्हें शब्दाकारर रूप में प्रस्तुत करने का एक विनम्र प्रयास है, आपके सुधि करकमलों में
This item is Non-Returnable
Customers Also Bought
Details
- ISBN-13: 9789386619839
- ISBN-10: 9386619830
- Publisher: Redgrab Books Pvt Ltd
- Publish Date: July 2021
- Dimensions: 8.5 x 5.5 x 0.17 inches
- Shipping Weight: 0.23 pounds
- Page Count: 80
Related Categories
