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"item_description" : "चलना है तो रुकना क्या अभी तो जान बाकी है जी लो तब तक खुशी से ज़िन्दगी की शाम बाकी है माना की राह पथरीली है अभी तो मुकाम बाकी है जी लो जी भर के दोस्तों होठों पे मुस्कान बाकी है पा लो जिसकी तुम्हें तलाश है चलना है तो रुकना क्या अभी तो जान बाकी है जी लो तब तक खुशी से ज़िन्दगी की शाम बाकी है माना की राह पथरीली है अभी तो मुकाम बाकी है जी लो जी भर के दोस्तों होठों पे मुस्कान बाकी है पा लो जिसकी तुम्हें तलाश है अभी तो सांसों की डोर बाकी है",
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Overview
चलना है तो रुकना क्या अभी तो जान बाकी है जी लो तब तक खुशी से ज़िन्दगी की शाम बाकी है माना की राह पथरीली है अभी तो मुकाम बाकी है जी लो जी भर के दोस्तों होठों पे मुस्कान बाकी है पा लो जिसकी तुम्हें तलाश है चलना है तो रुकना क्या अभी तो जान बाकी है जी लो तब तक खुशी से ज़िन्दगी की शाम बाकी है माना की राह पथरीली है अभी तो मुकाम बाकी है जी लो जी भर के दोस्तों होठों पे मुस्कान बाकी है पा लो जिसकी तुम्हें तलाश है अभी तो सांसों की डोर बाकी है
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Details
- ISBN-13: 9789394670129
- ISBN-10: 9394670122
- Publisher: Paper Towns
- Publish Date: December 2022
- Dimensions: 7.81 x 5.06 x 0.23 inches
- Shipping Weight: 0.22 pounds
- Page Count: 96
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