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&#2319| ठाकुर

ए : हसास-ए-ज़िन्दगी

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Overview

चलना है तो रुकना क्या अभी तो जान बाकी है जी लो तब तक खुशी से ज़िन्दगी की शाम बाकी है माना की राह पथरीली है अभी तो मुकाम बाकी है जी लो जी भर के दोस्तों होठों पे मुस्कान बाकी है पा लो जिसकी तुम्हें तलाश है चलना है तो रुकना क्या अभी तो जान बाकी है जी लो तब तक खुशी से ज़िन्दगी की शाम बाकी है माना की राह पथरीली है अभी तो मुकाम बाकी है जी लो जी भर के दोस्तों होठों पे मुस्कान बाकी है पा लो जिसकी तुम्हें तलाश है अभी तो सांसों की डोर बाकी है

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Details

  • ISBN-13: 9789394670129
  • ISBN-10: 9394670122
  • Publisher: Paper Towns
  • Publish Date: December 2022
  • Dimensions: 7.81 x 5.06 x 0.23 inches
  • Shipping Weight: 0.22 pounds
  • Page Count: 96

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