Overview
कुछ रहस्य ऐसे होते हैं जिन्हें इतिहास छिपा लेता है।
कुछ ऐसे होते हैं जिन्हें समय भुला देता है।
और कुछ ऐसे भी होते हैं जो कभी नष्ट नहीं होते-वे केवल अगले खोजी की प्रतीक्षा करते हैं।
यह उपन्यास ऐसे ही एक रहस्य की कहानी है।
हम सदियों से भविष्यवाणियों को आने वाली घटनाओं की निश्चित घोषणा मानते आए हैं। हम सोचते हैं कि भविष्य पहले से लिखा जा चुका है, कि भाग्य अपरिवर्तनीय है, और कि कुछ चुने हुए लोग ही सत्य तक पहुँच सकते हैं। लेकिन यदि भविष्यवाणी किसी निश्चित भविष्य का वर्णन न होकर केवल एक चेतावनी हो तो?
यदि सबसे बड़ा रहस्य किसी प्राचीन मंदिर के नीचे नहीं, बल्कि स्वयं मनुष्य की चेतना में छिपा हो तो?
यदि इतिहास में दर्ज अनेक युद्ध, खोए हुए ग्रंथ, रहस्यमयी परंपराएँ और मौन साधनाएँ किसी खजाने की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि एक ऐसे ज्ञान की सुरक्षा के लिए रही हों, जो मानवता को बदल सकता है?
"मंदिर के नीचे छिपी भविष्यवाणी" केवल एक रहस्य-रोमांचक कथा नहीं है। यह इतिहास, अध्यात्म, दर्शन, पुरातत्व, विज्ञान और मानवीय मन की गहराइयों को जोड़ने वाली एक काल्पनिक यात्रा है। इसमें वर्णित पात्र, घटनाएँ, संगठन और रहस्य साहित्यिक कल्पना का हिस्सा हैं, किन्तु इनके माध्यम से भारतीय दार्शनिक परंपराओं-जैसे कर्म, धर्म, वेदांत, उपनिषदों की चिंतनधारा, ध्यान, चेतना और आत्म-अन्वेषण-से प्रेरित विचारों को कथा के माध्यम से अनुभव कराने का प्रयास किया गया है।
इस कहानी का उद्देश्य किसी धार्मिक विश्वास, ऐतिहासिक तथ्य या आध्यात्मिक परंपरा का अंतिम सत्य प्रस्तुत करना नहीं है। बल्कि यह पाठक को प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित करती है। क्योंकि प्रत्येक महान खोज की शुरुआत किसी उत्तर से नहीं, बल्कि एक ईमानदार प्रश्न से होती है।
जब विक्रम सेठ एक भूले हु
This item is Non-Returnable
Customers Also Bought
Details
- ISBN-13: 9798233960307
- ISBN-10: 9798233960307
- Publisher: Not Avail
- Publish Date: June 2026
- Dimensions: 8 x 5 x 0.61 inches
- Shipping Weight: 0.6 pounds
- Page Count: 272
Related Categories
