Overview
वह सड़क... जहाँ से कोई वापस नहीं लौटता एक ऐसी खौफ़नाक और रहस्यमयी यात्रा है, जहाँ डर केवल अंधेरे में छिपा नहीं है-वह स्मृतियों, अपराधबोध और इंसान के अपने अतीत में छिपा है।
आधी रात के बाद पहाड़ों की एक सुनसान सड़क पर यात्रा करते हुए हनुमान सिंह की गाड़ी अचानक रुक जाती है। इंजन बिल्कुल ठीक है, फिर भी गाड़ी आगे नहीं बढ़ती। तभी उसे मुख्य मार्ग से अलग जाती हुई एक ऐसी सड़क दिखाई देती है, जिसका कोई नाम नहीं, कोई संकेत नहीं और किसी मानचित्र पर कोई उल्लेख नहीं। सड़क के किनारे खड़ा एक पुराना मील का पत्थर केवल एक चेतावनी देता है-
"जो इस रास्ते पर जाता है, वह लौटकर नहीं आता।"
भूत-प्रेत पर विश्वास न करने वाला हनुमान इस चेतावनी को अंधविश्वास समझकर उस सड़क पर आगे बढ़ जाता है। लेकिन कुछ ही देर में उसकी दुनिया बदलने लगती है। सफेद कपड़ों में खड़ी एक रहस्यमयी स्त्री अचानक उसकी गाड़ी की पिछली सीट पर दिखाई देती है और उसका नाम पुकारती है-जबकि हनुमान उसे कभी मिला ही नहीं।
आगे उसे एक ऐसा गाँव मिलता है जो वर्षों पहले उसके जीवन से गायब हो चुका था। वहाँ उसकी मुलाकात नूरमती से होती है, जो उसके अतीत के ऐसे रहस्य जानती है जिन्हें स्वयं हनुमान भूल चुका है। फिर सामने आते हैं बिमला, रमन कुमार, विधुर गुप्ता और ज्ञानचंद-और हर व्यक्ति उस रहस्यमयी सड़क की कहानी का एक अलग सच बताता है।
लेकिन समस्या यह है कि उनके सभी सच एक-दूसरे से अलग हैं।
कौन झूठ बोल रहा है?
कौन जीवित है?
कौन मर चुका है?
और सबसे बड़ा प्रश्न-क्या हनुमान स्वयं इस अभिशाप का शिकार है, या उसके जन्म से पहले शुरू हुई इस भयावह कहानी में उसकी भूमिका कुछ और है?
जैसे-जैसे हनुमान सड़क के भीतर उतरता जाता है, समय पीछे चलने लगता है, मृत लोगों की आवाजें सुनाई दे
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Details
- ISBN-13: 9798235489431
- ISBN-10: 9798235489431
- Publisher: Not Avail
- Publish Date: August 2026
- Dimensions: 8 x 5 x 0.96 inches
- Shipping Weight: 0.93 pounds
- Page Count: 430
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