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Overview
वो सब जो अनकहा रह जाता है। वो सब जो दब जाता है दिल में गहरे कहीं। वो सब जो हम कहना चाहते हैं पर कह नहीं पाते। य़े किताब बस एक नज्मों-कविताओं का संग्रह नहीं है, एक सपना है जो 17 साल के एक लड़के ने 20 साल पहले देखा था। चाहे आप कॉलेज में पढ़ रहे हैं, नौकरी कर रहे हैं, या अपनी जवानी के दिनों को याद कर रहे हैं, इस संकलन में आपको अपने लिए कुछ न कुछ जरूर मिलेगा।
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Details
- ISBN-13: 9798898659738
- ISBN-10: 9798898659738
- Publisher: Bookleaf Publishing
- Publish Date: November 2025
- Dimensions: 8 x 5 x 0.09 inches
- Shipping Weight: 0.12 pounds
- Page Count: 44
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