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"item_description" : "मेरी ज़िंदगी में खूबसूरत लम्हें देने के लिए तुम्हारा शुक्रिया हो, मेरी ग़ज़लों को ग़म देने के लिए तुम्हारा शुक्रिया हो, ये मेरी पहली किताब हैं तो गर किताब में आपको कोई गलती लगे तो माफ़ कर देन, और गर आपको ग़ज़लों में जॉंन एलिया, अहमद फराज़, मजाज़ या गुलज़ार से कही मिलता झूलता सा ही अंदाज़ मिले तो ये मेरी खुशनसीबी होगी क्योंकि मुझे लगता हैं कि मैंने अपनी शायरी इन्ही सभी से सीखी हैं, तो इन सभी शायरों का शुक्रिया",
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Overview
मेरी ज़िंदगी में खूबसूरत लम्हें देने के लिए तुम्हारा शुक्रिया हो, मेरी ग़ज़लों को ग़म देने के लिए तुम्हारा शुक्रिया हो, ये मेरी पहली किताब हैं तो गर किताब में आपको कोई गलती लगे तो माफ़ कर देन, और गर आपको ग़ज़लों में जॉंन एलिया, अहमद फराज़, मजाज़ या गुलज़ार से कही मिलता झूलता सा ही अंदाज़ मिले तो ये मेरी खुशनसीबी होगी क्योंकि मुझे लगता हैं कि मैंने अपनी शायरी इन्ही सभी से सीखी हैं, तो इन सभी शायरों का शुक्रिया
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Details
- ISBN-13: 9789388365116
- ISBN-10: 9388365119
- Publisher: Sanmati Publishers & Distributors
- Publish Date: April 2020
- Dimensions: 8.5 x 5.5 x 0.32 inches
- Shipping Weight: 0.4 pounds
- Page Count: 138
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