स : ंविधान के सिपाही
Overview
यह एक गाँव से शुरू होने वाली कहानी है, जहाँ दो छात्र संविधान में दिए गए अधिकारों को पढ़ते तो हैं, लेकिन उनका सामना असल ज़िंदगी में होने वाले भेदभाव, जातिवाद और अन्याय से होता है। वे देखते हैं कि समानता और स्वतंत्रता की बातें सिर्फ किताबों तक सीमित हैं।
शहर की ओर पढ़ाई और नौकरी की खोज में निकलने पर वे पाते हैं कि जाति के आधार पर राजनीति, शिक्षा, और सरकारी नौकरियों में भी गहरी खाई बनी हुई है। एक मोड़ पर एक लड़की के साथ हुए अत्याचार और न्याय की लड़ाई इन दोनों को फिर एकजुट करती है एक राजनीति में होता है, दूसरा न्याय व्यवस्था में।
यह कहानी एक संघर्ष की है संविधान के उस असली अर्थ की तलाश की जो हर नागरिक के लिए समान अवसर और न्याय सुनिश्चित करता है। यह सवाल उठाती है क्या सचमुच हम समानता और न्याय के उस आदर्श समाज की ओर बढ़ रहे हैं जिसकी कल्पना हमारे संविधान ने की थी?
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Details
- ISBN-13: 9798231151875
- ISBN-10: 9798231151875
- Publisher: Ayush Kumar Singh
- Publish Date: May 2025
- Dimensions: 8.5 x 5.5 x 0.23 inches
- Shipping Weight: 0.27 pounds
- Page Count: 96
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