{
"item_title" : "Godan (ग",
"item_author" : [" Premchand "],
"item_description" : " गोदान' प्रेमचंद की सर्वोत्तम कृति है, जिसमें उन्होंने ग्राम और शहर की दो कथाओं का यथार्थ रूप और संतुलित मिश्रण प्रस्तुत किया है। ट्टगोदान' होरी की कहानी है। उस होरी की जो जीवन-भर मेहनत करता है, अनेक कष्ट सहता है, केवल इसलिए कि उसकी मर्यादा की रक्षा हो सके और इसीलिए वह दूसरों को प्रसन्न रखने का प्रयास भी करता है किन्तु उसे इसका फल नहीं मिलता, फिर भी अपनी मर्यादा नहीं बचा पाता। अंततः वह तप-तप के अपने जीवन को ही होम कर देता है। यह केवल होरी की ही नहीं, अपितु उस काल के हर भारतीय किसान की आत्मकथा है। इसके साथ ही जुड़ी है शहर की प्रासंगिक कहानी, दोनों कथाओं का संगठन इतनी कुशलता से हुआ है कि उसमें प्रवाह आघोपांत बना रहता है। प्रेमचंद की कलम की यही विशेषता है।",
"item_img_path" : "https://covers1.booksamillion.com/covers/bam/9/35/599/372/9355993722_b.jpg",
"price_data" : {
"retail_price" : "36.99", "online_price" : "36.99", "our_price" : "36.99", "club_price" : "36.99", "savings_pct" : "0", "savings_amt" : "0.00", "club_savings_pct" : "0", "club_savings_amt" : "0.00", "discount_pct" : "10", "store_price" : ""
}
}
Overview
गोदान' प्रेमचंद की सर्वोत्तम कृति है, जिसमें उन्होंने ग्राम और शहर की दो कथाओं का यथार्थ रूप और संतुलित मिश्रण प्रस्तुत किया है। ट्टगोदान' होरी की कहानी है। उस होरी की जो जीवन-भर मेहनत करता है, अनेक कष्ट सहता है, केवल इसलिए कि उसकी मर्यादा की रक्षा हो सके और इसीलिए वह दूसरों को प्रसन्न रखने का प्रयास भी करता है किन्तु उसे इसका फल नहीं मिलता, फिर भी अपनी मर्यादा नहीं बचा पाता। अंततः वह तप-तप के अपने जीवन को ही होम कर देता है। यह केवल होरी की ही नहीं, अपितु उस काल के हर भारतीय किसान की आत्मकथा है। इसके साथ ही जुड़ी है शहर की प्रासंगिक कहानी, दोनों कथाओं का संगठन इतनी कुशलता से हुआ है कि उसमें प्रवाह आघोपांत बना रहता है। प्रेमचंद की कलम की यही विशेषता है।
This item is Non-Returnable
Details
- ISBN-13: 9789355993724
- ISBN-10: 9355993722
- Publisher: Diamond Pocket Books Pvt Ltd
- Publish Date: September 2022
- Dimensions: 8.5 x 5.5 x 0.88 inches
- Shipping Weight: 1.25 pounds
- Page Count: 330
Related Categories
