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Overview
ओशो के प्रखर विचारों ने, ओजस्वी वाणी ने मनुष्यता के दुश्मनों पर, संप्रदायों पर, मठाधीशों पर, अंधे राजनेताओं पर, जोरदार प्रहार किया। लेकिन पत्र-पत्रिकाओं ने छापीं या तो ओशो पर चटपटी मनगढंत खबरें या उनकी निंदा की, भ्रम के बादल फैलाए। ये भ्रम के बादल आड़े आ गये ओशो और लोगों के। जैसे सूरज के आगे बादल आ जाते हैं। इससे देर हुई। इससे देर हो रही है मनुष्य के सौभाग्य को मनुष्य तक पहुंचने में।
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Details
- ISBN-13: 9788171825714
- ISBN-10: 8171825710
- Publisher: Diamond Pocket Books Pvt Ltd
- Publish Date: November 2021
- Dimensions: 8.5 x 5.5 x 0.77 inches
- Shipping Weight: 0.97 pounds
- Page Count: 346
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