{
"item_title" : "Jeevan Sangeet (ज",
"item_author" : [" Osho "],
"item_description" : "गोरख-वाणी पर ओशो द्वारा दिए गए प्रवचनों का संकलन है- जीवन संगीत। इसमें ओशो कहते हैं' मैं तुम्]हें संगीत देना चाहता हूं। लेकिन मैं जानता हूं तुम्]हारी अड़चन। तुम्]हें उदास चित्]त लोगों ने बहुत प्रभावित किया है। सदियों से धर्म के नाम पर तुम्]हें जीवन का निषेध सिखाया गया है, जीवन का विरोध सिखाया गया है। मैं तुम्]हें विकास से मुक्]त करना चाहता हूं। मैं कहता हूं यह क्षणभंगुर भी उस शाश्]वत की ही लीला है यह उसका ही रास है। वही नाच रहा है इसके मध्]य में। नाच में सम्मिलित हो जाओ। नाच में सम्मिलत होते-होते ही वह आंख भी खुलेगी जिससे तुम्]हें वह दिखाई पड़ने लगेगा।",
"item_img_path" : "https://covers3.booksamillion.com/covers/bam/9/79/817/182/9798171825294_b.jpg",
"price_data" : {
"retail_price" : "13.99", "online_price" : "13.99", "our_price" : "13.99", "club_price" : "13.99", "savings_pct" : "0", "savings_amt" : "0.00", "club_savings_pct" : "0", "club_savings_amt" : "0.00", "discount_pct" : "10", "store_price" : ""
}
}
Overview
गोरख-वाणी पर ओशो द्वारा दिए गए प्रवचनों का संकलन है- जीवन संगीत। इसमें ओशो कहते हैं' मैं तुम्]हें संगीत देना चाहता हूं। लेकिन मैं जानता हूं तुम्]हारी अड़चन। तुम्]हें उदास चित्]त लोगों ने बहुत प्रभावित किया है। सदियों से धर्म के नाम पर तुम्]हें जीवन का निषेध सिखाया गया है, जीवन का विरोध सिखाया गया है। मैं तुम्]हें विकास से मुक्]त करना चाहता हूं। मैं कहता हूं यह क्षणभंगुर भी उस शाश्]वत की ही लीला है यह उसका ही रास है। वही नाच रहा है इसके मध्]य में। नाच में सम्मिलित हो जाओ। नाच में सम्मिलत होते-होते ही वह आंख भी खुलेगी जिससे तुम्]हें वह दिखाई पड़ने लगेगा।
This item is Non-Returnable
Customers Also Bought
Details
- ISBN-13: 9798171825294
- ISBN-10: 9798171825294
- Publisher: Diamond Pocket Books Pvt Ltd
- Publish Date: January 2024
- Dimensions: 8.5 x 5.5 x 0.32 inches
- Shipping Weight: 0.4 pounds
- Page Count: 138
Related Categories
