menu
{ "item_title" : "ब", "item_author" : [" Mohanlal Gupta "], "item_description" : " इस पुस्तक में अंग्रेज शक्ति के राजपूताने की रियासतों में प्रवेश करने से लेकर वापस लौटने तक की अवधि में हुई रोचक एवं ऐतिहासिक घटनाओं को लिखा गया है। अंग्रेजों ने भारत को दो तरह की राजनीतिक व्यवस्था के अंतर्गत रखा। पहली तरह की व्यवस्था में भारत के बहुत बड़े भू-भाग पर अंग्रेजों का प्रत्यक्ष नियंत्रण था। इसे ब्रिटिश भारत कहा जाता था जिसे उन्होंने 11 ब्रिटिश प्रांतों में विभक्त किया। दूसरी तरह की व्यवस्था के अंतर्गत भारत के लगभग 565 देशी रजवाड़े थे जिनकी संख्या समय-समय पर बदलती रहती थी। देशी राज्यों को रियासती भारत कहते थे। ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने इन रजवाड़ों के साथ अधीनस्थ सहायता के समझौते किए जिनके अनुसार राज्यों का आंतरिक प्रशासन देशी राजा या नवाब के पास रहता था और उसके बाह्य सुरक्षा प्रबन्ध अंग्रेजों के नियंत्रण में रहते थे। ", "item_img_path" : "https://covers3.booksamillion.com/covers/bam/8/19/356/574/8193565746_b.jpg", "price_data" : { "retail_price" : "39.99", "online_price" : "39.99", "our_price" : "39.99", "club_price" : "39.99", "savings_pct" : "0", "savings_amt" : "0.00", "club_savings_pct" : "0", "club_savings_amt" : "0.00", "discount_pct" : "10", "store_price" : "" } }
&#2348|Mohanlal Gupta

ब : ्रिटिश शासन में राजपूता

local_shippingShip to Me
In Stock.
FREE Shipping for Club Members help

Overview

इस पुस्तक में अंग्रेज शक्ति के राजपूताने की रियासतों में प्रवेश करने से लेकर वापस लौटने तक की अवधि में हुई रोचक एवं ऐतिहासिक घटनाओं को लिखा गया है। अंग्रेजों ने भारत को दो तरह की राजनीतिक व्यवस्था के अंतर्गत रखा। पहली तरह की व्यवस्था में भारत के बहुत बड़े भू-भाग पर अंग्रेजों का प्रत्यक्ष नियंत्रण था। इसे ब्रिटिश भारत कहा जाता था जिसे उन्होंने 11 ब्रिटिश प्रांतों में विभक्त किया। दूसरी तरह की व्यवस्था के अंतर्गत भारत के लगभग 565 देशी रजवाड़े थे जिनकी संख्या समय-समय पर बदलती रहती थी। देशी राज्यों को रियासती भारत कहते थे। ईस्ट इण्डिया कम्पनी ने इन रजवाड़ों के साथ अधीनस्थ सहायता के समझौते किए जिनके अनुसार राज्यों का आंतरिक प्रशासन देशी राजा या नवाब के पास रहता था और उसके बाह्य सुरक्षा प्रबन्ध अंग्रेजों के नियंत्रण में रहते थे।

This item is Non-Returnable

Details

  • ISBN-13: 9788193565742
  • ISBN-10: 8193565746
  • Publisher: Shubhada Prakashan Jodhpur
  • Publish Date: May 2018
  • Dimensions: 9 x 6 x 0.75 inches
  • Shipping Weight: 1.35 pounds
  • Page Count: 334

Related Categories

You May Also Like...

    1

BAM Customer Reviews