menu
{ "item_title" : "अ", "item_author" : [" Mohanlal Gupta "], "item_description" : " जिन चौहानों के भय से चंदेलों, गाहड़वालों तथा चौलुक्यों को नींद नहीं आती थी, जिन चौहानों की मित्रता के लिए प्रतिहार, परमार, तोमर एवं गुहिल लालायित रहते थे, जिन चौहानों ने अरब, सिंध, गजनी एवं गोर के आक्रांताओं को छः शताब्दियों तक भारत-भूमि से दूर रखा था, जिन चौहानों के राज्य में दिल्ली और हांसी छोटी सी जागीरें थीं, उन्हीं चौहानों का राजा था पृथ्वीराज चौहान। वह उत्तर भारत के विशाल मैदानों का स्वामी था। पूर्वी पंजाब से लेकर, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और मध्यप्रदेश के विभिन्न भागों एवं उत्तर प्रदेश के कन्नौज तक के क्षेत्र उसके अधीन थे। उस प्रतापी हिन्दू-सम्राट को गजनी के आक्रांता मुहम्मद गौरी ने तराइन के मैदान में छल से पकड़ लिया और उसकी आंखें फोड़कर किले में कैद कर लिया। तराइन से पहले और तराइन के बाद, आखिर हुआ क्या था! जानने के लिए पढ़िए यह रोचक और विश्वसनीय पुस्तक - सुप्रसिद्ध इतिहासकार डॉ. मोहनलाल गुप्ता की लेखनी से!", "item_img_path" : "https://covers4.booksamillion.com/covers/bam/8/19/522/961/8195229611_b.jpg", "price_data" : { "retail_price" : "14.99", "online_price" : "14.99", "our_price" : "14.99", "club_price" : "14.99", "savings_pct" : "0", "savings_amt" : "0.00", "club_savings_pct" : "0", "club_savings_amt" : "0.00", "discount_pct" : "10", "store_price" : "" } }
&#2309|Mohanlal Gupta

अ : ंतिम हिन्दू सम्राट पृथ्

local_shippingShip to Me
In Stock.
FREE Shipping for Club Members help

Overview

जिन चौहानों के भय से चंदेलों, गाहड़वालों तथा चौलुक्यों को नींद नहीं आती थी, जिन चौहानों की मित्रता के लिए प्रतिहार, परमार, तोमर एवं गुहिल लालायित रहते थे, जिन चौहानों ने अरब, सिंध, गजनी एवं गोर के आक्रांताओं को छः शताब्दियों तक भारत-भूमि से दूर रखा था, जिन चौहानों के राज्य में दिल्ली और हांसी छोटी सी जागीरें थीं, उन्हीं चौहानों का राजा था पृथ्वीराज चौहान। वह उत्तर भारत के विशाल मैदानों का स्वामी था। पूर्वी पंजाब से लेकर, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और मध्यप्रदेश के विभिन्न भागों एवं उत्तर प्रदेश के कन्नौज तक के क्षेत्र उसके अधीन थे। उस प्रतापी हिन्दू-सम्राट को गजनी के आक्रांता मुहम्मद गौरी ने तराइन के मैदान में छल से पकड़ लिया और उसकी आंखें फोड़कर किले में कैद कर लिया। तराइन से पहले और तराइन के बाद, आखिर हुआ क्या था! जानने के लिए पढ़िए यह रोचक और विश्वसनीय पुस्तक - सुप्रसिद्ध इतिहासकार डॉ. मोहनलाल गुप्ता की लेखनी से!

This item is Non-Returnable

Details

  • ISBN-13: 9788195229611
  • ISBN-10: 8195229611
  • Publisher: Shubhada Prakashan Jodhpur
  • Publish Date: March 2022
  • Dimensions: 9 x 6 x 0.23 inches
  • Shipping Weight: 0.35 pounds
  • Page Count: 110

Related Categories

You May Also Like...

    1

BAM Customer Reviews