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Nirmala
by Premchand
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Overview
समाज, सामाजिक संबंधों का जाल है। इन्हीं संबंधों के जाल की मर्यादा कायम रखने के लिए निर्मला का विवाह एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति से कर दिया जाता है, जिसकी प्रथम विवाहिता से तीन बच्चे हैं। निर्मला अपने इस नए परिवार में व्यवस्थित जीवन व्यतीत करने की कोशिश कर रही है पर बाल मन होने के नाते वह उन परिस्थितियों से जूझने में असमर्थ है। अन्त में निर्मला की मृत्यु हो जाती है, जो इस अघम सामाजिक प्रथा को मिटा डालने के लिए एक भारी चुनौती है। महिला केंद्रित साहित्य के इतिहास में इस उपन्यास का विशेष स्थान है।
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Details
- ISBN-13: 9789389851571
- ISBN-10: 9389851572
- Publisher: Prabhakar Prakashan Private Limited
- Publish Date: January 2025
- Dimensions: 8.5 x 5.5 x 0.31 inches
- Shipping Weight: 0.36 pounds
- Page Count: 134
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