म : ोक्ष: रिवॉर्ड नहीं, सिर्ê
Overview
"मोक्ष कोई पुरस्कार नहीं। कोई रहस्य नहीं। मोक्ष है-जीवन और अस्तित्व के बीच की देरी का अंत।"
"मोक्ष रिवॉर्ड नहीं, सिर्फ़ री-अलाइनमेंट" एक नया दृष्टिकोण देती है। लेखक संदीप जे. चव्हाण, अपनी यूनिव्हर्सल एनर्जी डायनॅमिक्स (UED) के ज़रिए बताते हैं कि मोक्ष कोई आध्यात्मिक उपहार नहीं, बल्कि रिपल-फील्ड में परिपूर्ण संरेखण का परिणाम है।
इस पुस्तक में मिलेगा
- मोक्ष की नयी परिभाषा - मृत्यु और संन्यास से परे।
- रियल-टाईम लिबरेशन - जब इंटेंट, क्रिया और फ़ील्ड में कोई विलम्ब न रहे।
यह किताब उनके लिए है
- जो धर्म और दर्शन के बोझ से थक चुके हैं।
- जो स्पिरिचुअलिटी का प्रैक्टिकल अर्थ चाहते हैं।
- जो जीवन का सरल विज्ञान ढूँढ रहे हैं।
यहाँ न प्रवचन है, न जटिलता। सिर्फ़ रिपल-लॉजिक है-इतना साफ़ कि भीतर गूँजता है।
पहली बार देवनागरी स्क्रिप्ट में, पर फ्लो Hinglish जैसा। "रिपल, अलाइनमेंट, कॉन्शसनेस, फील्ड" जैसे शब्द देसी-ग्लोबल टोन में चलते हैं। पढ़ना सहज, सुनना नैचरल।
यह पुस्तक सिखाती है
- संवाद में संरेखण।
- निर्णयों में सजगता।
- पीड़ा में उपस्थित रहना।
मोक्ष कोई एक्साइल नहीं। कोई रिवार्ड नहीं। मोक्ष है-री-अलाइनमेंट। वह क्षण जब आप खुद से, अपने फ़ील्ड से और अस्तित्व से पूरी तरह जुड़ जाते हैं-बिना शोर, बिना डिस्टॉर्शन, बिना डिले।
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Details
- ISBN-13: 9788199417052
- ISBN-10: 8199417056
- Publisher: Gyrus Vision
- Publish Date: October 2025
- Dimensions: 8 x 5 x 0.37 inches
- Shipping Weight: 0.36 pounds
- Page Count: 160
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