menu
{ "item_title" : "Sangram", "item_author" : [" Premchand "], "item_description" : "प्रेमचंद की रचनाएं साधारण से साधारण पाठकों पर भी अपना प्रभाव छोड़ती हैं। अतः यही कारण है कि प्रेमचंद भारतीय समाज के सबसे अधिक पढ़े जाने वाले साहित्यकार हैं। संग्राम उनके द्वारा लिखा गया एक बहुचर्चित नाटक है जो किसान वर्ग को समर्थित है। इस पुस्तक के माध्यम से किसानों को आर्थिक समस्याओं, पुलिस द्वारा प्रताड़ित करना, जमींदारों द्वारा शोषण, भ्रष्ट बाबाओं द्वारा किए जाने वाले झूठे चमत्कारों, जैसी समस्याओं को पाठकों के सामने रखने का प्रयास किया गया है।", "item_img_path" : "https://covers4.booksamillion.com/covers/bam/9/38/985/182/9389851823_b.jpg", "price_data" : { "retail_price" : "33.99", "online_price" : "33.99", "our_price" : "33.99", "club_price" : "33.99", "savings_pct" : "0", "savings_amt" : "0.00", "club_savings_pct" : "0", "club_savings_amt" : "0.00", "discount_pct" : "10", "store_price" : "" } }
Sangram|Premchand

Sangram

local_shippingShip to Me
In Stock.
FREE Shipping for Club Members help

Overview

प्रेमचंद की रचनाएं साधारण से साधारण पाठकों पर भी अपना प्रभाव छोड़ती हैं। अतः यही कारण है कि प्रेमचंद भारतीय समाज के सबसे अधिक पढ़े जाने वाले साहित्यकार हैं। संग्राम उनके द्वारा लिखा गया एक बहुचर्चित नाटक है जो किसान वर्ग को समर्थित है। इस पुस्तक के माध्यम से किसानों को आर्थिक समस्याओं, पुलिस द्वारा प्रताड़ित करना, जमींदारों द्वारा शोषण, भ्रष्ट बाबाओं द्वारा किए जाने वाले झूठे चमत्कारों, जैसी समस्याओं को पाठकों के सामने रखने का प्रयास किया गया है।

This item is Non-Returnable

Details

  • ISBN-13: 9789389851823
  • ISBN-10: 9389851823
  • Publisher: Prabhakar Prakashan Private Limited
  • Publish Date: October 2024
  • Dimensions: 8.5 x 5.5 x 0.44 inches
  • Shipping Weight: 0.68 pounds
  • Page Count: 138

Related Categories

You May Also Like...

    1

BAM Customer Reviews