म : ार से नहीं प्यार से
Overview
"मार से नहीं, प्यार से" सुभाष वशिष्ठ की एक प्रेरणादायक कविता है, जो हिंसा और नफरत की बजाय प्यार और सहानुभूति की शक्ति को दर्शाती है। इस कविता में कवि यह संदेश देते हैं कि समस्याओं का समाधान क्रूरता और बल के बजाय, समझदारी और प्रेम से किया जाना चाहिए। वे मानते हैं कि जब हम किसी से प्यार और समझ से पेश आते हैं, तो विरोधी भी हमें समझने और स्वीकार करने के लिए तैयार हो जाते हैं।
कविता में यह विचार है कि जब हम एक-दूसरे के साथ अच्छे व्यवहार और सम्मान से पेश आते हैं, तो समाज में शांति और सद्भावना का माहौल बनता है। सुभाष वशिष्ठ यह संदेश देना चाहते हैं कि जीवन में किसी भी समस्या का हल प्यार और सहानुभूति में है, न कि संघर्ष और हिंसा में।
"मार से नहीं, प्यार से" एक सकारात्मक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करने वाली कविता है।
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Details
- ISBN-13: 9789363060883
- ISBN-10: 9363060888
- Publisher: Little Bird
- Publish Date: March 2025
- Dimensions: 8 x 5 x 0.17 inches
- Shipping Weight: 0.17 pounds
- Page Count: 70
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