{
"item_title" : "प",
"item_author" : [" Surjeet Kumar "],
"item_description" : "मुझे अपने स्कूल के समय से ही प्यार, दर्द, आत्मनिरीक्षण, अवसाद, अकेलापन आदि जैसे विभिन्न विषयों पर कविताएँ लिखता हूँ । इस पुस्तक में संकलित 'आजाद दिखा करो', 'चेतवानी', 'चलो कुछ करता है', 'सिर्फ एक नहीं संपूर्ण है तू' शीर्षक वाली कविताएं मेरे मार्गदर्शक, मित्र और प्रेरक के रूप में कार्य करती रही है। शब्दों का सटीक चुनाव और धाराप्रवाह रूप से पदों का स्वरुप आपको रोमांचित अवश्य करेगा । पाठकों की पसंद को देखते हुए बहुत जगह आत्मनिरिक्षण वाली पंक्तियों को सहजता से पिरोया गया है । जो की आपको इस पुस्तक को अंत तक बांधे रखेगी ।",
"item_img_path" : "https://covers3.booksamillion.com/covers/bam/9/35/610/051/9356100519_b.jpg",
"price_data" : {
"retail_price" : "13.99", "online_price" : "13.99", "our_price" : "13.99", "club_price" : "13.99", "savings_pct" : "0", "savings_amt" : "0.00", "club_savings_pct" : "0", "club_savings_amt" : "0.00", "discount_pct" : "10", "store_price" : ""
}
}
प : ैग़ाम है ये... ( Paigam Hai Ye.. )
Overview
मुझे अपने स्कूल के समय से ही प्यार, दर्द, आत्मनिरीक्षण, अवसाद, अकेलापन आदि जैसे विभिन्न विषयों पर कविताएँ लिखता हूँ । इस पुस्तक में संकलित 'आजाद दिखा करो', 'चेतवानी', 'चलो कुछ करता है', 'सिर्फ एक नहीं संपूर्ण है तू' शीर्षक वाली कविताएं मेरे मार्गदर्शक, मित्र और प्रेरक के रूप में कार्य करती रही है। शब्दों का सटीक चुनाव और धाराप्रवाह रूप से पदों का स्वरुप आपको रोमांचित अवश्य करेगा । पाठकों की पसंद को देखते हुए बहुत जगह आत्मनिरिक्षण वाली पंक्तियों को सहजता से पिरोया गया है । जो की आपको इस पुस्तक को अंत तक बांधे रखेगी ।
This item is Non-Returnable
Customers Also Bought
Details
- ISBN-13: 9789356100510
- ISBN-10: 9356100519
- Publisher: Pencil
- Publish Date: April 2022
- Dimensions: 8 x 5 x 0.2 inches
- Shipping Weight: 0.22 pounds
- Page Count: 84
Related Categories
