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Overview
कविता और शायरी कभी हमें बेचैन कर देती हैं, तो कभी सबसे ज़्यादा सुकून देती हैं। यही जादू है सच्चाई का। हम जब जिस मनोदशा में होते हैं, हमें तभी वैसी ही चीज़ें दिखाई देती हैं। अगर सीधे शब्दों में कहूँ तो, लिखने वाला लिखता है अपने हिसाब से, हम उसके भाव को ग्रहण करते हैं अपनी मनोदशा के हिसाब से । उम्मीद है कि यह किताब आपको सुकून के कुछ पल देगी और सबको प्रेम से देखने का एक नज़रिया देगी।
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Details
- ISBN-13: 9798900814001
- ISBN-10: 9798900814001
- Publisher: Bookleaf Publishing
- Publish Date: October 2025
- Dimensions: 8 x 5 x 0.12 inches
- Shipping Weight: 0.14 pounds
- Page Count: 56
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