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"item_description" : " आज की युवा पीढ़ी को पुराणों के कथा-संसार से परिचित कराने के उद्देश्य से शुभदा प्रकाशन जोधुपर ने 'पुराणों की कथाएँ'नामक शृंखला आरम्भ की है। इस पुस्तक- शृंखला में हमने भारतीय पुराणों में से कुछ रोचक कथाएं चुनकर उनके वैज्ञानिक पक्ष सहित प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। इस शृंखला के तृतीय पुष्प के रूप में हमने उन कथाओं को चुना है जो भारतीय पुराणों में यशस्वी चंद्रवंश के उदय होने से जुड़ी हुई हैं। इस पुस्तक में राजा चंद्र से लेकर राजा जन्मेजय तक की चौंवालीस कथाओं को लिया गया है जो दिव्य एवं चमत्कारी शक्तियों के स्वामी माने जाते हैं। ",
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प : ूराणों की कथाएँ-3 चंद्रवæ
Overview
आज की युवा पीढ़ी को पुराणों के कथा-संसार से परिचित कराने के उद्देश्य से शुभदा प्रकाशन जोधुपर ने 'पुराणों की कथाएँ'नामक शृंखला आरम्भ की है। इस पुस्तक- शृंखला में हमने भारतीय पुराणों में से कुछ रोचक कथाएं चुनकर उनके वैज्ञानिक पक्ष सहित प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। इस शृंखला के तृतीय पुष्प के रूप में हमने उन कथाओं को चुना है जो भारतीय पुराणों में यशस्वी चंद्रवंश के उदय होने से जुड़ी हुई हैं। इस पुस्तक में राजा चंद्र से लेकर राजा जन्मेजय तक की चौंवालीस कथाओं को लिया गया है जो दिव्य एवं चमत्कारी शक्तियों के स्वामी माने जाते हैं।
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Details
- ISBN-13: 9788194198482
- ISBN-10: 8194198488
- Publisher: Shubhada Prakashan Jodhpur
- Publish Date: October 2020
- Dimensions: 9 x 6 x 0.35 inches
- Shipping Weight: 0.5 pounds
- Page Count: 162
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