Overview
हिंदी साहित्य लेखन के क्षेत्र में श्रीमती नूतन गर्ग जी एक परिचित नाम है।अबतक दो दर्जन से अधिक साझा-संकलन प्रकाशित हो चुके हैं । इनकी कलम भी कई सम्मान / पुरस्कार से चमक रही है। आप कई सामाजिक संस्थाओं से भी जुड़ी हुई हैं। असहायजनों की मदद और सही मार्गदर्शन करना इनके जीवन का महती लक्ष्य है। इसका स्पष्ट प्रभाव इनकी लघु कथाओं से गुजरते मुझे देखने को मिला। "अध्यवसाय" (लघुकथा- संकलन) इनकी एकल पुस्तक है। लघु कथा एक कठिन विधा है। यह] इसलिए कि इसकी संरचना में कसावट का विशेष ध्यान रखना होता है। हल्का-सा एक छिद्र यानी एक शब्द भी इसे कमजोर बना सकता है। लघु कथा को अणुबम भी कहा जा सकता है जो शक्तिशाली बिस्फोट तो करता है लेकिन यह विनाशकारी नहीं होता है, बल्कि पाठक- मन की़ सुप्त पड़ी माननीय संवेदना को सजग कर देता है। यही लघु कथा की सार्थकता भी होती है। लघु कथाओं में यही जीव तत्व इसे जीवंतता प्रदान करता है जो नूतन गर्ग की लघुकथाओं में भी मुझे देखने को मिला है। एक प्रबुद्ध नारी होने के नाते इन्हें नारी मन की व्यथा और ममता को अपनी लघु कथाओं में प्रभावशाली ढंग से उकेरने में अभूतपूर्व सफलता मिली है जो पाठक मन को भ्रमित नहीं करता बल्कि माननीय संवेदना के सौंदर्य बोध से सिंचित भी करता है । यूं तो सभी व्यक्ति का अपना एक अलग संसार होता है जिसमें उसके अनुभव के रत्न होते हैं। इनकी लघु कथाएं मेरे संसार को और भी विस्तार देती है। रंग बिरंगे जीवन दर्शन से रूबरू करवाती है।
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Details
- ISBN-13: 9789390889488
- ISBN-10: 9390889480
- Publisher: Prakhar Goonj
- Publish Date: January 2022
- Dimensions: 8.5 x 5.5 x 0.24 inches
- Shipping Weight: 0.31 pounds
- Page Count: 114
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