Do Parachhaiyan, Ek Roshanee
Overview
About the Book
यह पुस्तक एक ऐसे परिवार के बारे में है, जो शब्दों से नहीं बल्कि एक-दूसरे के साथ खड़े रहने के साहस से बनता है; जहाँ कठिनाइयाँ आने पर रास्ते अलग नहीं होते, बल्कि रिश्ते और भी गहरे हो जाते हैं।
ये पन्ने एक ऐसे घर की कहानी कहते हैं, जो वैभव से नहीं बल्कि प्रेम, सहनशीलता और उत्तरदायित्व से टिका है। यह एक भावनात्मक पारिवारिक कथा है, जहाँ भाईचारा केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि वह आधार है जो संकट के क्षणों में भी पूरे परिवार को थामे रखता है।
इस लेखन में स्त्रियों की शांत किंतु अडिग शक्ति महसूस होती है, बच्चों की समय से पूर्व विकसित हुई समझ झलकती है और पुरुषों की वह निष्ठा दिखाई देती है जो कभी पीछे नहीं हटती। यह पुस्तक जीवन, संबंधों और मानवीय मूल्यों को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती है।
लेखिका हिनाली दुधाणे ने अपने स्वयं के अनुभवों और अनुभूतियों के आधार पर परिवार के मौन संघर्षों और अटूट प्रेम को शब्दों में पिरोया है। यह उनकी प्रथम कृति है, जो वास्तविक जीवन की घटनाओं से प्रेरित है।
यह पुस्तक उन सभी पाठकों के लिए है जिन्होंने परिवार को अपनी प्राथमिकता और अपनी पसंद बनाया है-क्योंकि अंततः, परिवार ही जीवन का सच्चा प्रकाश बनता है।
Customers Also Bought
Details
- ISBN-13: 9789347491467
- ISBN-10: 9347491462
- Publisher: Nexus Stories Publication
- Publish Date: February 2026
- Dimensions: 8.5 x 5.5 x 0.29 inches
- Shipping Weight: 0.34 pounds
- Page Count: 124
Related Categories
