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&#2350|चांपाê

म : ाध्यमिक स्तर के छात्र एë

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" फण्डामेंटल ऑफ एथिक्स'' ने प्रोफेसर अर्बन ने लिखा है। कि - ''मूल्य वह है जो मानव इच्छा की तृप्ति करे जो व्यक्ति तथा उसकी जाति के सरंक्षण में सहायक हो ।'' सुकरात ईसामसीह एवं गांधीजी जैसे महापुरूष मूल्य के लिये ही जिए और मूल्य के लिये ही मृत्यु का वरण किया । मूल्य कोई जन्मजात प्रवृत्ति या विलक्षण नहीं है। व्यक्ति के जीवन में इसका विकास समाजीकरण को प्रक्रिया के साथ-साथ होता है।

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Details

  • ISBN-13: 9781329955318
  • ISBN-10: 1329955315
  • Publisher: Lulu.com
  • Publish Date: March 2016
  • Dimensions: 9 x 6 x 0.29 inches
  • Shipping Weight: 0.38 pounds
  • Page Count: 122

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